हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने मंगलवार देर शाम नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। इस दौरान ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाओं की खोज, चुनौतियों के समाधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत विजन को साकार करने को लेकर चर्चा हुई। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने ऊर्जा क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और भविष्य की जरूरतों पर गहन विचार-विमर्श किया। अनिल विज ने हरियाणा की ऊर्जा खपत, उत्पादन, वितरण और आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़े कई बिंदुओं पर केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हरियाणा जैसे औद्योगिक और कृषि प्रधान राज्य के लिए ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर, सस्ती और सतत बनाए रखना समय की मांग है। उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर सुविधा बैठक के दौरान बिजली वितरण व्यवस्था और उपभोक्ता सेवाओं पर भी चर्चा हुई। अनिल विज ने बताया कि हरियाणा में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे बिजली की खपत और बिलिंग में पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए सबस्टेशनों और ट्रांसमिशन लाइनों पर काम किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि हरियाणा को केंद्र से पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत विजन केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य है कि आम उपभोक्ता तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचें और देश ऊर्जा क्षेत्र में विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल हो। विकसित भारत विजन 2047 पर मंथन बैठक का प्रमुख बिंदु प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत 2047 विजन रहा। इस पर चर्चा करते हुए अनिल विज ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र के बिना विकास की कल्पना संभव नहीं है। यदि भारत को 2047 तक विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है तो ऊर्जा उत्पादन और उपभोग के नए मॉडल पर काम करना होगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि हरियाणा जैसे राज्यों को इस दिशा में तकनीकी और वित्तीय सहायता दी जाए। मनोहर लाल ने बताया कि केंद्र सरकार पहले से ही ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बड़े स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत न केवल अपनी घरेलू जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि ऊर्जा निर्यातक देश के रूप में भी उभरेगा। हरियाणा को होगा सीधा लाभ बैठक के बाद माना जा रहा है कि हरियाणा को केंद्र की ऊर्जा योजनाओं से सीधा लाभ मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध होगी और आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली आपूर्ति और बिलिंग अधिक सुगम होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मुलाकात हरियाणा और केंद्र सरकार के बीच ऊर्जा सहयोग को नई ऊँचाई देने वाली साबित होगी। अनिल विज की पहल से यह संकेत भी मिलता है कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत विजन को लेकर गंभीर है और इसे जमीनी स्तर पर उतारने के लिए केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगी।
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