केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा का जवाब दिया। अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि चुनाव सुधार पर चर्चा से बीजेपी के लोग भागते नहीं है। इस पर सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपनी सीट से खड़े हुए और शाह से कहा कि मैं SIR पर अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट के लिए आपको चैलेंज करता हूं। इस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई। शाह ने 1:30 घंटे की स्पीच में चुनाव सुधार, EVM, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति, नेहरू, इंदिरा, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेशियों की घुसपैठ और कांग्रेस की वोट चोरी का जिक्र किया। राहुल गांधी के लोकसभा में पूछे 3 सवालों का जवाब भी दिया। इस दौरान सदन में 7 से ज्यादा बार हंगामा हुआ। आखिर में कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। पढ़ें राहुल-शाह के बीच की बहस गृहमंत्री ने राहुल के 3 सवालों का जवाब दिया 1. राहुल का सवाल: चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से CJI को क्यों हटाया गया।
शाह का जवाब: 73 साल तक चुनाव आयोग कि नियुक्ति का कानून नहीं था। पीएम सीधे नियुक्ति करते थे। अभी तक जितने चुनाव आयुक्त हुए सभी ऐसे ही हुए हैं। 1950-1979 तक प्रधानमंत्री ने ही चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की। 1979-91 तक चुनाव आयोग बना, लेकिन पीएम की सिफरिश पर ही आयुक्त बने, इस बीच 21 आयुक्त बनाए गए। 2023 तक कोई कानून नहीं था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसमें पारदर्शिता होनी चाहिए, तब हमने कहा कि हमें दिक्कत नहीं है। हमने कहा कि जब तक कानून नहीं बनता सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सब कुछ हो। इसके बाद कानून बना।
2. राहुल का सवाल: चुनाव के 45 दिन बाद CCTV फुटेज क्यों डिलीट किए।
शाह का जवाब: इन्होंने चुनाव आयोग के CCTV फुटेज 45 दिन में नष्ट करने पर आपत्ति जताई। जनप्रतिनिधि कानून 1991 के कानून में साफ लिखा कि 45 दिन बाद इसे कोई चुनौती नहीं दे सकता। जब 45 दिन में कोई आपत्ति नहीं आई तो चुनाव आयोग इसे क्यों रखे। CCTV रिकॉर्डिंग संवैधानिक दस्तावेज नहीं है। आंतरिक प्रबंधन है, फिर भी आयोग ने कहा कि सामान्य जनता को एक्सेस मिल सकता है। कोई भी 45 दिन में शीर्ष अदालत में जाकर इसे मांग सकता है। ये कोई प्रक्रिया पढ़ते नहीं है। पॉलिटिकल एजेंट भी अदालत से इसे प्राप्त कर सकता है।
3. राहुल का सवाल: दिसंबर 2023 में कानून बदला कि चुनाव आयुक्त को दंडित नहीं किया जा सकता।
शाह का जवाब: आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयोग को कानून बनाकर इम्युनिटी दी। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 से ज्यादा उन्हें कोई इम्युनिटी नहीं दी गई है। 2023 के कानून में भी प्रावधान पहले वाला ही है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कोई केस नहीं कर सकता।
गृह मंत्री अमित शाह के स्पीच की 3 बड़ी बातें… लोकसभा-राज्यसभा में कार्यवाही से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए….