दिल्ली के कर्मचारी को पंजाबी बोलने-पढ़ने पर मजबूर किया:युवक बोला- पंजाब में हो तो पंजाबी आनी चाहिए; VIDEO सामने आया

महाराष्ट्र में मराठी के बाद अब पंजाब के अमृतसर में डाकघर में तैनात पोस्टल असिस्टेंट को पंजाबी पढ़ने-बोलने के लिए मजबूर किया गया। पोस्टल असिस्टेंट मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले हैं। यहां एक पंजाबी युवक काम कराने आया और कहा कि पंजाब में हो तो पंजाबी आनी चाहिए। यह मामला 30 दिसंबर का है, जिसके बाद इसका वीडियो वायरल हुआ था। अब इस मामले में पोस्टल असिस्टेंट पहली बार सामने आए। उन्होंने कहा कि मैं 4 साल से अमृतसर पोस्ट ऑफिस में हूं। मुझे हिंदी और अंग्रेजी पूरी आती है। मगर, मुझ पर पंजाबी बोलने-पढ़ने का दबाव बनाया गया। उन्होंने इस मामले में युवक पर कार्रवाई की मांग की। डाकघर के पोस्टमास्टर ने भी कहा कि मेरे कर्मचारी को डराया-धमकाया गया, हम कार्रवाई करेंगे। डाकघर में हुई नोंकझोंक पढ़ें… पोस्टल असिस्टेंट: क्या करना है, मुझे बता दीजिये।
युवक: क्या करना है मैंने तो इसे पोस्ट करवाना है.. मैं आपसे हिंदी में बात कर रहा हूं.. आपका बनता है मेरे से पंजाबी में बात करना… मेरा नहीं बनता। पोस्टल असिस्टेंट (अपने सीनियर से) : सर, बताइए मैं क्या करूं, मेरे को पंजाबी आती नहीं है। मैं बोल रहा हूं कि पढ़ कर बता दीजिए. मगर इनकों बताने में भी तकलीफ हो रही हैं।
युवक : हमें बताने में तकलीफ नहीं है.. हमें बड़ा खेद है कि आप पंजाब में पंजाब के ऑफिस में यहां पर आकर बैठे हो, चाहे सेंट्रल गवर्नमेंट का है.. मगर आपको पंजाबी तो आनी चाहिए ना। पोस्टल असिस्टेंट: रजिस्ट्री वाले लिफाफे पर दोबारा नजर मारते हैं।
युवक : सारे यहां पर पंजाबी लोग आ रहे हैं तो आपको पंजाबी आनी चाहिए। आप जॉब कर रहे हो, मुझे उससे दिक्कत नहीं है, आपकी जो क्वालिफिकेशन है, उस पर भी कोई दिक्कत नहीं है। पोस्टल असिस्टेंट : मेरे बगल में जो बैठे है, ये आपका पंजाबी में कर देंगे…
युवक: ऐ थोड़ी गल ए.. तुसी बैठें जे ते पंजाबी ते आउणी चाहिदी तुहानू ( ये बात थोड़े ही है, तुम बैठे हो तो पंजाबी तो आनी चाहिए)। युवक (किस और व्यक्ति से बात करते हुए): नहीं भाजी, नहीं मैडम, एत्थे अस्सी पंजाब च हां। (यहां हम पंजाब में है..)
युवक : एत्थे, जिन्ने बोर्ड लगे, किते वी पंजाबी नहीं। अमृतसर विच डाकखाना वड्‌डा, पंजाबी एहना नें किते वी नीं लिखी, सब इंग्लिश च जा हिंदी च हन, कोई किते पंजाबी दा नामोनिशान हैगा, तुसी मैनू दस्सो। ( यहां जितने भी बोर्ड लगे, उनमें कहीं भी पंजाबी में नहीं लिखा है, सब इंग्लिश और हिंदी में लगे है, पंजाबी का कहीं नामोनिशान नहीं है।) पोस्टल असिस्टेंट ने इस भाषाई विवाद पर कही 3 बातें… DC से सरकारी दफ्तरों में पंजाबी अनिवार्य करने की मांग मामले में अकाली दल वारिस पंजाब से जुड़े शमशेर सिंह पद्धरी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने डीसी अमृतसर को ज्ञापन सौंपकर सरकारी दफ्तरों में पंजाबी भाषा अनिवार्य करने की मांग की।शमशेर सिंह पद्धरी ने कहा कि पंजाब, खासकर अमृतसर के कई केंद्रीय व राज्य सरकारी दफ्तरों में हिंदी-अंग्रेजी का अधिक इस्तेमाल हो रहा है और पंजाबी को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में वायरल हुआ डाकघर का वीडियो उन्होंने ही बनाया था, जहां बोर्ड केवल अंग्रेजी में लगे थे। उन्होंने मांग की कि सभी सरकारी दफ्तरों में बोर्ड सबसे पहले पंजाबी, फिर हिंदी और अंग्रेजी में हों तथा कर्मचारियों को पंजाबी पढ़ने-लिखने और बोलने का ज्ञान अनिवार्य किया जाए।
पद्धरी ने कहा कि अनुच्छेद 29 व 350-ए के तहत पंजाबी मातृभाषा की रक्षा हमारा संवैधानिक अधिकार है । सुपरवाइजर बोले- उनके कर्मचारी को डराया-धमकाया गया
वहीं, डाकघर के डिप्टी पोस्टमास्टर गुरशरणजीत सिंह ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और वह भी वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि उनके कर्मचारी को डराया-धमकाया गया और विभाग की छवि खराब करने की कोशिश की गई है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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