अगले 5 साल में शहरों की संख्या-दायरा बढ़ेगा:देश में 12 करोड़ नए शहरी लोग होंगे, 16वें वित्त आयोग का शहरीकरण रोडमैप तैयार

16वें वित्त आयोग का नया शहरी रोडमैप मॉडल लागू हुआ तो अगले 5 साल (2026-31) में देश में 12 करोड़ नए शहरी लोग होंगे। मतलब, शहरों की संख्या और दायरा दोनों बढ़ेगा। गांवों के लोग शहरी सीमा में शामिल हो जाएंगे। यानी जिन गांव-कस्बों से पलायन करके लोग नजदीक के शहरों में आएंगे, उन तक शहरों की सीमा खुद पहुंच जाएगी। शहरीकरण का यह अब तक का सबसे बेहतर मॉडल बताया जा रहा है। इसी के तहत शहरों को आगे फंड का बंटवारा होगा। इस मॉडल के तहत नगरीय निकायों के कमिश्नर या सक्षम अधिकारी और मेयर या समकक्ष चेयरमैन बिना शर्त 52% तक फंड खर्च कर सकेंगे। पहले यह सीमा 21% थी। ​निकायों की 3 जवाबदेही भी तय की गई मॉडल में फंड का दो तरह से ​बंटवारा पहला: शहरी निकायों को 45% राशि। यानी 3.56 लाख करोड़ रु.। यह 15वें वित्त आयोग (2020-25) की तुलना में 230% ज्यादा है। दूसरा: मध्यम दर्जे के बड़े 22 शहरों को 56 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे। क्या फायदा- ​नियोजित शहरी विकास के लिए फंड मिलेगा। छोटे शहरों को व्यवस्थित रूप से बड़ा बनने में मदद मिलेगी। एक शर्त भी जोड़ी है, जिसके मुताबिक नगरीय निकायों को फंड पाने के लिए समय पर चुनाव कराने होंगे। ऑडिट रिपोर्ट और राज्य स्तरीय लक्ष्य निर्धा​रित ​किए जाएं। स्टेट फाइनेंस कमीशन सक्रिय हो। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… बजट 2026- अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट: लखनऊ, भोपाल-जयपुर जैसे शहरों को ₹5000 करोड़ मिलेंगे, चुनावी राज्य तमिलनाडु-बंगाल को रेल कॉरिडोर की सौगात वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को 2026 का बजट पेश किया था। संसद में 85 मिनट के भाषण में उन्होंने अब तक के सबसे बड़े रक्षा बजट, टैक्स फाइल में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS का ऐलान किया था। सिटी इकोनॉमिक रीजंस (CIR) के तहत अगले 5 साल के लिए टियर-2/3 शहरों के लिए ₹5,000 करोड़ का फंड के लिए रखा गया है। पूरी खबर पढ़ें…

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