AI के कारण एंट्री लेवल जॉब खतरे में:30-50 की उम्र वालों को नए मौके मिलेंगे, अमीर देशों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) अब सिर्फ तकनीक नहीं, यह दुनिया के कारोबार, नौकरियों और समाज को बुनियादी रूप से बदल रहा है। बीसीजी-मोलोको की रिपोर्ट बताती है कि न्यूज, ट्रेवल और शिक्षा जैसे क्षेत्रों के लिए एआई सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि चैटजीपीटी जैसे टूल्स अब सीधे ग्राहक और ब्रांड के बीच आ गए हैं। ये टूल जो कंपनियां अपना डेटा और ग्राहक संबंध मजबूत नहीं करेंगी, वे पिछड़ जाएंगी। मूडीज की रिपोर्ट कहती है कि एआई से दुनिया की उत्पादकता यानी काम करने की क्षमता सालाना औसतन 1.5% बढ़ेगी। हालांकि, इसमें चेतावनी भी है कि यह फायदा सबको बराबर नहीं मिलेगा। अमीर देश ज्यादा फायदे में रहेंगे। एआई की वजह से महिलाएं, युवा और कम पढ़े-लिखे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। महिला-युवा-बुजुर्ग पर असर? इन्हें नुकसान संभव इन्हें होगा AI का फायदा सोर्स- ये नतीजे 3 रिपोर्ट पर आधारित हैं। पहली- बीसीजी और मोलोको की, जिसे 5 देशों के 238 वरिष्ठ मार्केटिंग लीडर्स के सर्वे के आधार पर बनाया गया। इसमें 3200+ एप्स का डेटा और 200 अरब से ज्यादा डाउनलोड्स का विश्लेषण किया गया। दूसरी और तीसरी- मूडीज की रिपोर्ट। इसमें 106 देशों का अध्ययन करके बताया गया कि एआई से दुनिया की अर्थव्यवस्था और नौकरियों पर क्या असर पड़ेगा। ……………. यह खबर भी पढ़ें… इंसानों को नौकरी पर रख रहा एआई: ‘रेंट-ए-ह्यूमन’ पर 5 लाख से ज्यादा लोग जुड़े; एक्सपर्ट की चिंता- जोखिम वाले काम करवा लिए तो जवाबदेही किसकी सालों से लोगों के मन में यह डर था कि एआई और रोबोट उनकी नौकरियां छीन लेंगे। पर हाल में यह सोच बदल गई। अब एआई इंसानों को काम पर रख रहे हैं। एक नए ऑनलाइन मार्केटप्लेस रेंट-ए-ह्यूमन पर 5 लाख से भी ज्यादा लोग सेवाएं देने के लिए जुड़ चुके हैं। यहां मालिक एआई प्रोग्राम हैं। ये एआई बॉट्स उन कामों के लिए इंसानों को पैसे दे रहे हैं जो वे खुद नहीं कर सकते, जैसे- बाजार से सामान लाना, फोटो खींचना या किसी इवेंट में शामिल होना। पूरी खबर पढ़ें…

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