दिल्ली के ओखला बैराज से यमुना नदी में 56,455 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा हथिनी कुंड बैराज से भी 2.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। 48 घंटे के बाद इस पानी का असर फरीदाबाद में देखने को मिलेगा। एसडीएम बल्लभगढ़ मयंक भारद्वाज ने मोहना गांव का दौरा करके यमुना के जलस्तर का निरीक्षण किया। जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 0129-2227937, 2226262 को जारी कर दिया है। 14 गांवों में बाढ़ का खतरा, प्रशासन ने की तैयारी तेज डीसी विक्रम सिंह ने कहा कि वर्ष 2023 में आई बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है जिसको देख प्रशासन पहले से ही तैयारियों में जुट गया है। जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि बसंतपुर, किदावली, लालपुर, महावतपुर, राजपुर कलां, तिलोरी खादर, अमीपुर, चिरसी, मंझावली, चांदपुर, मोठूका, अरुआ, छांयसा और मोहना आदि गांवों में बाढ़ का गंभीर खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और आज शाम तक अपने घरों को छोड़कर प्रशासन द्वारा निर्धारित चिह्नित सुरक्षित ठिकानों पर चले जाएं। उन्होंने सभी ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे अपने साथ कीमती सामान, आवश्यक दस्तावेज एवं पशुओं को भी प्रशासन द्वारा चिन्हित सुरक्षित स्थलों पर लेकर चले जाए। हालांकि फरीदाबाद के कई गांव के खेतों में घुसे पानी का जलस्तर कम हुआ है। लेकिन गांव बसंतपुर में अभी भी घरों के बाहर पानी बह रहा है। 100 से ज्यादा मकान मालिक अपने घरों को छोड़कर बाहर रिश्तेदारियों या फिर किराए पर रह रहे हैं। दो गांवों के खेतों में घुसा पानी सिंचाई विभाग के द्वारा जारी आकड़ों के मुताबिक, आज 52 हजार क्युसेक पानी नदी में दिल्ली ओखला बैराज से छोड़ा गया है। बीते रविवार को 55 हजार क्युसेक पानी नदी में छोड़ा गया था। गांव राजपुरा और चांदपुर के खेतों में रविवार को नदी का पानी घुस गया था। जिसके चलते गांव राजपुरा में करीब 40 एकड़ में व गांव चांदपुर में करीब 200 एकड़ में खड़ी फसल में पानी घुसा था। आज इन खेतों में पानी का जलस्तर कम होता हुआ दिखाई दे रहा है। धीरे -धीरे फसलों से पानी कम हो रहा पानी गांव राजपुरा के किसान अनिल ने बताया कि पानी धीरे -धीरे फसलों से पानी कम हो रहा है। लेकिन बाजरा, सरसों, और सब्जियों की खेती पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। वहीं चांदपुर के सरपंच सुरजपाल ने बताया कि गांव की फसलें पूरी तरह से पानी में डूब चुकी है। अभी आबादी वाले इलाके में पानी नहीं पहुंचा है। लेकिन खेत पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं। सिंचाई विभाग के एसडीओ अरविंद शर्मा ने बताया कि पानी को लेकर सभी सरपंच, पटवारिया, सचिव की ड्यूटी प्रशासन की तरफ से लगाई गई है। सभी पानी पर नजर रखे हुए हैं। गांव बसंतपुर को छोड़कर किसी भी आबादी वाले इलाके में अभी पानी नहीं पहुंचा है।
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