दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में मंगलवार रात फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हिंसा भड़क गई। कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके, जिससे 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान मस्जिद को गिराया जा रहा है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक पोस्ट खालिद मलिक नाम के व्यक्ति की थी। वीडियो में उसने लोगों से बड़ी संख्या में अपने घरों से बाहर निकलने की अपील की थी। इसके तुरंत बाद कई लोग वहां जमा हो गए और कुछ ने पुलिस और MCD कर्मचारियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकीं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दूसरे कानूनों के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने मंगलवार रात प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। मामले में अब तक एक नाबालिग समेत 5 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। मामले में गिरफ्तार लोगों की पहचान मोहम्मद आरिब (25), मोहम्मद कैफ (23), मोहम्मद काशिफ (25), मोहम्मद हामिद (30) और एक नाबालिग के रूप में हुई है। MCD के डिप्टी कमिश्नर विवेक कुमार ने कहा कि अभियान के दौरान एक डायग्नोस्टिक सेंटर और बैंक्वेट हॉल और दुकानों को तोड़ा गया है। मस्जिद को कोई नुकसान नहीं हुआ है। तोड़फोड़ की 6 तस्वीरें… यह है पूरा मामला फैज-ए-इलाही मस्जिद की प्रबंधन समिति ने दिल्ली एमसीडी के 22 दिसंबर 2025 के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इसमें कहा गया कि मस्जिद के बाहर की 0.195 एकड़ जमीन पर बने ढांचे अवैध हैं। उन्हें हटाया जाएगा। एमसीडी का कहना है कि अतिरिक्त जमीन पर मालिकाना या वैध कब्जे के दस्तावेज पेश नहीं किए गए हैं। एमसीडी का यह आदेश 12 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के निर्देशों के आधार पर जारी किया गया था। डिवीजन बेंच के आदेश में तुर्कमान गेट के पास रामलीला ग्राउंड से करीब 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाने को कहा गया था, जिसमें सड़क, फुटपाथ, बारात घर, पार्किंग और एक निजी क्लिनिक शामिल हैं। मस्जिद समिति का कहना है कि यह जमीन वक्फ संपत्ति है। वह इसके लिए वक्फ बोर्ड को लीज किराया देती है। हमें अतिक्रमण हटाने पर आपत्ति नहीं है। बारात घर और क्लिनिक का संचालन बंद किया जा चुका है। मुख्य आपत्ति कब्रिस्तान को लेकर है। 6 जनवरी: हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया 6 जनवरी को ही दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन से अतिक्रमण (बारात घर और डायग्नोस्टिक सेंटर) हटाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने इस मामले में नगर निगम दिल्ली (MCD), शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली वक्फ बोर्ड समेत अन्य विभागों से जवाब मांगा है। जस्टिस अमित बंसल ने कहा था कि मामला सुनवाई के योग्य है। सभी पक्षों को 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी। ……………….. दिल्ली से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली- 11वीं के स्टूडेंट को नाबालिगों ने लाठी-डंडों से पीटा: बीच-बचाव करने आए लोगों को भी मारा, छात्र की मौत; 6 नाबालिग हिरासत में दिल्ली के त्रिलोकपुरी में 11वीं के छात्र की उसी के नाबालिग दोस्तों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में मंगलवार को 6 नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है। मृतक की पहचान 17 साल के मोहित के रूप में हुई है। वह इंदिरा कैंप में रहता था। पुलिस ने बताया कि मोहित का उसी इलाके में रहने वाले एक नाबालिग से झगड़ा चल रहा था। पूरी खबर पढ़ें…
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