भास्कर अपडेट्स:NCERT सिस्टम में बड़ा बदलाव, अब एक्सपर्ट चेक के बिना नहीं छपेगी किताबें

सुप्रीम कोर्ट में एनसीईआरटी की किताब से जुड़े मामले पर बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि, एनसीईआरटी के सिस्टम में बदलाव किए जा रहे हैं। आगे से किसी भी किताब को पब्लिश करने से पहले उसे सब्जेक्ट एक्सपर्ट से चेक कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब डोमेन एक्सपर्ट की जांच के बिना कोई भी कंटेंट पब्लिश नहीं किया जाएगा, ताकि किताबों की गुणवत्ता और सटीकता बनी रहे। आज की बाकी बड़ी खबरें… अंतरिक्ष से दिखी भारत की जगमगाती रात, ISS ने जारी की फोटो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) ने बुधवार सुबह भारत की अंतरिक्ष से ली गई एक तस्वीर साझा की। यह फोटो 10 मार्च की रात की बताई जा रही है। आईएसएस ने X के पोस्ट में बताया कि यह तस्वीर उस समय ली गई, जब स्पेस स्टेशन अरब सागर के ऊपर से गुजरते हुए हिमालय की ओर बढ़ रहा था। इस दौरान नीचे भारत के कई शहर रोशनी में जगमगाते नजर आए। दिल्ली के LG तरनजीत सिंह संधू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की दिल्ली के उपराज्यपाल बनाए गए तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। मुलाकात के बाद संधू ने कहा कि गृह मंत्री से मिलकर खुशी हुई। पब्लिक सर्विस और गवर्नेंस से जुड़े मामलों पर अच्छी बातचीत हुई। ₹50 हजार तक डिजिटल ठगी में 85% तक मुआवजा मिलेगा, आरबीआई ने नया ड्राफ्ट जारी किया आरबीआई ने इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले में राहत के लिए नया ड्राफ्ट जारी किया है। ये नियम ऑनलाइन और कार्ड-आधारित पेमेंट, दोनों पर 1 जुलाई, 2026 से लागू होंगे करने का प्रस्ताव है। आरबीआई ने ₹50 हजार तक की ऑनलाइन ठगी के लिए नया मुआवजा तंत्र का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत नुकसान का 85% या अधिकतम ₹25 हजार (जो भी कम हो) वापस मिलेगा। यह सुविधा जीवन में सिर्फ एक बार मिलेगी। शर्त यह है कि नुकसान वास्तविक साबित हो और घटना के 5 दिन के भीतर बैंक व साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर शिकायत दर्ज कराई गई हो। 65% बोझ रिजर्व बैंक, 10% ग्राहक का बैंक और 10% लाभार्थी बैंक उठाएगा। बैंक की चूक से हुई ठगी पर ग्राहक की जीरो लायबिलिटी होगी और पूरा ट्रांजैक्शन रिवर्स किया जाएगा। चाहे ग्राहक ने शिकायत की हो या नहीं। 500 से अधिक के हर इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन पर बैंक के लिए तुरंत एसएमएस अलर्ट भेजना अनिवार्य होगा। जहां ग्राहक ने ईमेल पता दिया हो, वहां ईमेल अलर्ट भी भेजना होगा। ये अलर्ट इन-एप नोटिफिकेशन के अतिरिक्त होंगे। ड्राफ्ट नियमों में ग्राहक की लापरवाही को स्पष्ट परिभाषित किया गया है। मसलन ओटीपी, पासवर्ड या पिन किसी को बताना, बैंक की स्पष्ट चेतावनी नजरअंदाज करना, पिन को कार्ड के साथ लिखकर रखना या मैलिशियस एप डाउनलोड करना।

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