भास्कर अपडेट्स:भारत-म्यांमार बॉर्डर पर फायरिंग में असम राइफल्स का जवान घायल, उग्रवादी म्यांमार की तरफ से भागे

अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा पर फेंसिंग के दौरान उग्रवादियों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में असम राइफल्स का एक जवान घायल हो गया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना गुरुवार शाम करीब 5.30 बजे पांगसाउ पास के पास हुई, जब जवान सीमा पर बाड़ लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान म्यांमार की तरफ से संदिग्ध उग्रवादियों NSCN-K-YA ने फायरिंग की। फेंसिंग का विरोध कर रहे उग्रवादियों की इस फायरिंग के बाद असम राइफल्स ने भी जवाबी कार्रवाई की। कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और उग्रवादियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है। आज के अन्य बड़े अपडेट्स… भास्कर अपडेट्स:लेह में 3.9 की तीव्रता का भूकंप आया, नुकसान की खबर नहीं लद्दाख के लेह में शुक्रवार सुबह 8:31 बजे भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.9 थी। हालांकि किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट बोला- दुनियाभर में एआई से बनाए गए फर्जी फैसलों का चलन सुप्रीम कोर्ट ने एआई से जनरेट किए गए ऐसे जजमेंट्स का हवाला देने के बढ़ते चलन पर चिंता जताई है, जो असल में मौजूद ही नहीं हैं। कोर्ट ने इसे बढ़ती हुई समस्या बताया और कहा कि इस पर सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा कि यह प्रैक्टिस अब भारत की अदालतों में ही नहीं, दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है। बेंच ने यह टिप्पणी बॉम्बे हाईकोर्ट की एक टिप्पणी हटाते हुए की, जो एक कंपनी के डायरेक्टर की याचिका से जुड़े मामले में की गई थी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अपीलकर्ता की दलीलें चैटजीपीटी से जनरेट लगती हैं। अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक से पहले सूर्य मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण राम मंदिर परिसर के परकोटे में स्थित सूर्य देव के मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया गया। अयोध्या के 20 साधु-संतों की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान के साथ यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह ध्वजारोहण रामलला के सूर्य तिलक से पहले किया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने बताया कि परिसर में कुल आठ शिखर हैं। इनमें अब तक दो मंदिरों के शिखर पर ध्वजारोहण हो चुका है। पी. कुमारन ब्रिटेन में भारत के अगले हाई कमिश्नर होंगे, 1992 बैच के IFS अफसर भारत सरकार ने वरिष्ठ राजनयिक पी. कुमारन को ब्रिटेन में भारत का अगला हाई कमिश्नर नियुक्त किया है। वह फिलहाल विदेश मंत्रालय में सचिव (ईस्ट) के पद पर कार्यरत हैं। 1992 बैच के आईएफएस अधिकारी कुमारन जल्द ही कार्यभार संभाल सकते हैं। वह वर्तमान उच्चायुक्त विक्रम दोराइसामी का स्थान लेंगे, जिन्हें चीन में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया है। कुमारन ने अपने करियर की शुरुआत काहिरा में थर्ड सेक्रेटरी के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने त्रिपोली, ब्रसेल्स, इस्लामाबाद, वॉशिंगटन और कोलंबो में अलग-अलग पदों पर काम किया। वे बेंगलुरु में रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर भी रह चुके हैं। कुमारन 2016 से 2020 तक कतर में भारत के राजदूत रहे। इसके बाद 2020 से 2023 तक सिंगापुर में भारत के हाई कमिश्नर रहे। उन्होंने विदेश मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (कॉन्सुलर, पासपोर्ट और वीजा), फिर एडिशनल सेक्रेटरी और स्पेशल सेक्रेटरी के तौर पर काम किया।

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